Hanuman Jayanti  | Tarot School of India

Hanuman Jayanti 

Hanuman Jayanti

Hanuman Jayantii/Hanuman Mahotsav is the day when Lord Hanuman was born. As per Hindu mythology, Hanuman Jayanti is celebrated on the 15th(fifteen) day of the Shukla Paksha that is the Full Moon phase and it is observed in the the month of Chaitra.

चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जयंती पर्व मनाया जाता है।

 

As per RamCharit Manas

कलयुग केवल नाम अधारा

सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा

“Kalyug Kewal Naam Adhara

Simar-Simar Nar Utarahin Para”

 

Meaning of above Shaloka

“Kalyug Kewal Naam Adhara, Simar-Simar Nar Utarahin Para”. It means that in Kaliyug, if one is chanting God’s name, it is enough to sail the human beings through the deep sea of the world. By chanting Lords Divine Name with full devotion and full faith it will give peace, bliss and liberation from this cycle of birth and death.

By reciting the name of God , we are helping ourself in our spiritual life. By chanting God name, we are doing cleaning process of ours as it helps our mind to get cleared of all material impurities. It is a pious activity and we all should try to do it in our life.

Hanuman Jayanti 2021

In year 2021, Hanuman Jayanti is on 27 April 2021.

इस बार हनुमान जयंती ये पर्व 27 अप्रैल मंगलवार को है।

As per our Dharam Granth, there are 12 names of Lord Hanuman ji. If we are chanting these 12 names once we wake up and before we sleep or before doing any travelling, it helps to overcome our fears as well as to achieve happiness and success in our life. It also helps in improving longevity and win over enemies. We should try to chant as many times we can on Hanuman Jayanti atleast.

धर्म ग्रंथों में हनुमानजी के 12 नाम बताए गए हैं, जिनके द्वारा उनकी स्तुति की जाती है। हनुमानजी के इन 12 नामों का जो रात में सोने से पहले व सुबह उठने पर अथवा यात्रा प्रारंभ करने से पहले पाठ करता है, उसके सभी भय दूर हो जाते हैं और उसे अपने जीवन में सभी सुख प्राप्त होते हैं। वह अपने जीवन में अनेक उपलब्धियां प्राप्त करता है। हनुमानजी की 12 नामों वाली स्तुति इस प्रकार है

Stuti of 12 name of Hanuman Ji that devotees must try to chant on Hanuman Jayanti

 *स्तुति*
*हनुमानअंजनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबल:।*
*रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिंगाक्षोअमितविक्रम:।।*
*उदधिक्रमणश्चेव सीताशोकविनाशन:।*
*लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा।।*
*एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन:।*
*स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च य: पठेत्।।*
*तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भवेत्।*
*राजद्वारे गह्वरे च भयं नास्ति कदाचन।।*

1) Hanuman *हनुमान*

Hanuman means one with a twisted jaw (Hanu +man). He got this name  when Devraaj Indra did attack on him using his Vajar.

 *हनुमानजी का यह नाम इसलिए पड़ा क्योकि एक बार क्रोधित होकर देवराज इंद्र ने इनके ऊपर अपने वज्र का प्रहार किया था यह वज्र सीधे इनकी ठोड़ी (हनु) पर लगा। हनु पर वज्र का प्रहार होने के कारण ही इनका नाम हनुमान पड़ा ।*

Mantra: ॐ श्री हनुमते नमः।

Om Shri Hanumate Namah।

 

2) Anjani Suta *अंजनीसुत* : 

Lord Hanuman ji is son of Goddess Anajan.
*माता अंजनी के पुत्र होने के कारण ही हनुमानजी का एक नाम अंजनीसुत भी प्रसिद्ध है ।*

Mantra: ॐ अञ्जनी सुताय नमः।

Om Anjani Sutaya Namah।

 

3) Vayu-Putra *वायुपुत्र*

He is the son of Vaayudev that is son of Lord Vaayu(air/wind)
 *हनुमानजी का एक नाम वायुपुत्र भी है । पवनदेव के  पुत्र होने के कारण ही इन्हें वायुपुत्र भी कहा जाता है ।*

Mantra: ॐ वायुपुत्राय नमः।

Om Vayuputraya Namah।

4) Mahabal – *महाबल*

There is no limit of power/bal/shakti of Hanuman Ji. That’s why one of his name is Mahabal also that is Omnipotent.
  *हनुमानजी के बल की कोई सीमा नहीं हैं । इसलिए इनका एक नाम महाबल भी है ।*

Mantra: ॐ महाबलाय नमः।

Om Mahabalaya Namah।

 

5. Raamesht – (*रामेष्ट*):

Lord Hanuman ji is considered best/favorite devotee of Lord Shri Ram. It has been observed in various Dharam Granth that Lord Shri Ram considers him as best/favorite one.

 *हनुमान भगवान श्रीराम के परम भक्त हैं । धर्म ग्रंथों में अनेक स्थानों पर वर्णन मिलता है कि श्रीराम ने हनुमान को अपना प्रिय माना है । भगवान श्रीराम को प्रिय होने के कारण ही इनका एक नाम रामेष्ट भी है ।*

Mantra: ॐ रामेष्ठाय नमः।

Om Rameshthaya Namah।

 

6) Phalgun Sakh फाल्गुनसुख 

In Mahabharat, Phalugun was one of the name of Arjuna (Pandu son/putra).During the time of war, Lord Hanuman ji was present on the charior(rath) of Arjun. He help Arjun by being on his Rath. Since Lord Hanuman ji help arjun so thats why, they are also considered friend. Phalgun Sukh means – frnd of Arjun.
 *महाभारत के अनुसार, पांडु पुत्र अर्जुन का एक नाम फाल्गुन भी है । युद्ध के समय हनुमानजी अर्जुन के रथ की ध्वजा पर विराजित थे । इस प्रकार उन्होंने अर्जुन की सहायता की । सहायता करने के कारण ही उन्हें अर्जुन का मित्र कहा गया है । फाल्गुन सुख का अर्थ है अर्जुन का मित्र ।*

Mantra: ॐ फाल्गुण सखाय नमः।

Om Phalguna Sakhaya Namah।

 

7) Pingaksh (पिंगाक्ष*):

Meaning of Pingaksh is brown- yellow colored eyes. As per Dharam Granth, Lord Hanuman had brown-yellow colored eyes.
  *पिंगाक्ष का अर्थ है भूरी आंखों वाला ।अनेक धर्म ग्रंथों में हनुमानजी का वर्णन किया गया है । उसमें हनुमानजी को भूरी आंखों वाला बताया है । इसलिए इनका एक नाम  पिंगाक्ष भी है ।*

Mantra: ॐ पिंगाक्षाय नमः।

Om Pingakshaya Namah।

 

8) Amit Vikram (अमितविक्रम):

Amit means in excess and Vikram means who is very strong/powerful. Lord Hanuman did so many work which was almost next to impossible. It was very tough even for other Devtas. Lord Hanuman ji valor/power is immeasurable.
 *विक्रम का अर्थ है पराक्रमी और अमित का अर्थ है बहुत अधिक । हनुमानजी ने अपने पराक्रम के बल पर ऐसे बहुत से कार्य किए, जिन्हें करना देवताओं के लिए भी कठिन था । इसलिए इन्हें अमितविक्रम भी कहा जाता हैं ।*

Mantra: ॐ अमितविक्रमाय नमः।

Om Amitavikramaya Namah।

 

9) Uddhikraman (उदधिक्रमण)

Uddhikraman means the one who has crossed ocean. In Ramayan, when Lord Hanuman ji while searching for Mata Sita, he crossed the ocean to reach Lanka.
  *उदधिक्रमण का अर्थ है समुद्र का अतिक्रमण करने वाले यानी लांधने वाला । सीता माता की खोज करते समय हनुमानजी ने समुद्र को लांधा था। इसलिए इनका एक नाम ये भी है ।*

Mantra: ॐ उदधिक्रमणाय नमः।

Om Udadhikramanaya Namah।

 

10) Sita Shok Vinashan (सीताशोकविनाशन):

Lord Hanuman ji removed grief of Mata Lord Sita.

*माता सीता के शोक का निवारण करने के कारण हनुमानजी का ये नाम पड़ा ।*

Mantra: ॐ सीताशोकविनाशनाय नमः।

Om Sitashokavinashanaya Namah।

 

11) Laxman Praan Daata (लक्ष्मणप्राणदाता):

लक्ष्मणप्राणदाता*
In Ramayan, Laxman ji life(Pran) was in danger, then Lord Hanuman ji brought Sanjeevani Buti due to which he got boon and his life was saved. This happend when Indrajeet son of Ravan attack Laxman by using his Demon Shakti.
 *जब रावण के पुत्र इंद्रजीत ने शक्ति का उपयोग कर लक्ष्मण को बेहोश कर दिया था, तब हनुमानजी  संजीवनी बूटी लेकर आए थे। उसी बूटी के प्रभाव से  लक्ष्मण को होश आया था।इस लिए  हनुमानजी को लक्ष्मणप्राणदाता भी कहा जाता है ।*

One who revived Lord Lakshmana

Mantra: ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः।

Om Lakshmanapranadatre Namah।

 

12) Dasgreev Darpha (दशग्रीवदर्पहा):

Dash greev means Ravan and Darpha means the one who brokes the ego. Lord Hanuman ji broke Ego/arrogance of Ravan who was ten headed ruler of Lanka. Lord Hanuman ji burn Lanka by his tail and also killed his one of son of Ravan that is Akhaykumar.
 *दशग्रीव यानी रावण और दर्पहा यानी धमंड तोड़ने वाला । हनुमानजी ने लंका जाकर सीता माता का पता लगाया, रावण के पुत्र अक्षयकुमार का वध किया साथ ही लंका में आग भी लगा दी ।इस प्रकार हनुमानजी ने कई बार रावण का धमंड तोड़ा था । इसलिए इनका एक नाम ये भी प्रसिद्ध है ।*

Mantra: ॐ दशग्रीवस्य दर्पाय नमः।

Om Dashagrivasya Darpaya Namah।

 

Know all about Hanuman ji

Lord Hanuman ji is in incarnation of Lord Shiva. On this auspicious Day of Hanuman Jayanti, devotees of Lord Hanuman ji seeks protection and blessings from him. Lord Hanuman helps us to attain victory and also protect us from our enemies/evil eyes.

Lord Hanuman is an ardent devotee of Lord Shri Rama. Hanuman ji is widely known for his unflinching devotion to Lord Shri Rama. Lord Hanuman ji is considered as symbol of strength and energy. In Ramayan, we have seen that Lord Hanuman ji is able to assume any form at will, move/pick mountains, crossed ocean to reach Lanka etc.

 

How to do Pooja on Hanuman Jayanti *हनुमान जयंती*

27 April 2021, Tuesday is the day when we all will be celebrating Hanuman Jayanti. If we follow some rituals/remedies today, then you can expect to overcome your hurdles/obstacles that you are facing in your life.
हनुमान जयंती पर्व 27 अप्रैल मंगलवार को है। इस बार हनुमान जयंती  के शुभ योग में यदि कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं-*
1) Try to offer chola to Lord Hanuman ji. If possible, try to wear Red color Dhoti if possible. While doing chola of Hanuman ji, try to use jasmine oil. Enlight diya in front of hanuman ji using Jasmine oil if possible.
 *ऐसे चढाएं हनुमानजी को चोला*
*हनुमान जयंती (27 अप्रैल, मंगलवार) को हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। हनुमानजी को चोला चढ़ाने से पहले स्वयं स्नान कर शुद्ध हो जाएं और साफ वस्त्र धारण करें। सिर्फ लाल रंग की धोती पहने तो और भी अच्छा रहेगा। चोला चढ़ाने के लिए चमेली के तेल का उपयोग करें। साथ ही, चोला चढ़ाते समय एक दीपक हनुमानजी के सामने जला कर रख दें। दीपक में भी चमेली के तेल का ही उपयोग करें।*
2) Once you are done with Chola of Hanuman ji, offer Red roses garland to Lord Hanuman ji. Offer Pandanus(kevde) itr to Lord Hanuman ji. Also offer one pan leaf with one piece of jaggery and chana as prasad to Lord. Then try to chant the mantra atleast 5/10 times with below with Tulsi Mala.

 *चोला चढ़ाने के बाद हनुमानजी को गुलाब के फूल की माला पहनाएं. केवड़े का इत्र हनुमानजी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा छिटक दें।

अब एक साबुत पान का पत्ता लें. इसके ऊपर थोड़ा गुड़ व चना रख कर हनुमान जी को भोग लगाएं।
भोग लगाने के बाद उसी स्थान पर थोड़ी देर बैठकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें। कम से कम 10 माला जप अवश्य करें।*

Devotees today before they start chanting Hanuman Chalisa, they must chant this Mantra first:

श्री राम राम रामेति रमे रामे मनोरमे सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने

Ram Raameti Raameti, Rame Raame Manorame ।
Sahasra-Nama Tat-Tulyam, Raama-Naama Varanane ॥

(If one Chant Shri Ram Ram Raameti once is equal to chanting the name of Lord Rama a thousand times.

After devotee Read Hanuman chalisa, they must try to chant above mantra again be once.

3) From the red roses garland that you have offered to Lord Hanuman ji, tear one petal of rose , keep that petal in one red cloth and place it near to your cash box.
*अब हनुमानजी को चढाए गए गुलाब के फूल की माला से एक फूल तोड़ कर, उसे एक लाल कपड़े में लपेटकर अपने धन स्थान यानी तिजोरी में रखें। इससे धन संबंधी समस्या हल होने के योग बनने लगेंगे।*
4 ) You can also keep Parad Hanuman ji Murti on your house. It is believed that by doing pooja of Parad Hanuman ji, all your obstacles comes to an end. Even atmosphere at home improves and helps in correcting Vaastu Dosh also. It helps in removing Pitra Dosh also.
*घर में स्थापित करें पारद हनुमान की प्रतिमा अपने घर में पारद से निर्मित हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित करें। पारद को रसराज कहा जाता है। पारद से बनी हनुमान प्रतिमा की पूजा करने से बिगड़े काम भी बन जाते हैं। पारद से निर्मित हनुमान प्रतिमा को घर में रखने से सभी प्रकार के वास्तु दोष स्वत: ही दूर हो जाते हैं, साथ ही घर का वातावरण भी शुद्ध होता है। प्रतिदिन इसकी पूजा करने से किसी भी प्रकार के तंत्र का असर घर में नहीं होता और न ही साधक पर किसी तंत्र क्रिया का प्रभाव पड़ता है। यदि किसी को पितृदोष हो, तो उसे प्रतिदिन पारद हनुमान प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए। इससे पितृदोष समाप्त हो जाता है।*
5) Devotees can also visit Hanuman ji temple in evening, if you haven’t visit in the morning. Try to recite Ram Raksha Stotra also today in morning or be evening. if you can mantra that i have shared above and Ram Raksha Stotra followed by Hanuman Chalise in the temple only, its great.
If you dont want to visit Temple due to Covid or lockdown, then you can do all things which are possible for you at home only.
*शाम को जलाएं दीपक हनुमान जयंती की शाम को समीप स्थित किसी हनुमान मंदिर में जाएं और हनुमानजी की प्रतिमा के सामने एक सरसों के तेल का व एक शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमानजी की कृपा पाने का ये एक अचूक उपाय है। करें राम रक्षा स्त्रोत का पाठ सुबह स्नान आदि करने के बाद किसी हनुमान मंदिर में जाएं और राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। इसके बाद हनुमानजी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। जीवन में यदि कोई समस्या है, तो उसका निवारण करने के लिए प्रार्थना करें।*
To save your life from enemies or evil effects, how Sita protects herself – This question was raised by Lord Rama to Hanuman ji. Lord Hanuman ji shared:
*नाम पाहरू दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट ।*
*लोचन निज पद जंत्रित जाहिं प्रान केहिं बाट ॥*
*’ नाम पाहरू दिवस निसि ‘
It means Mata Sita is taking your name that is of Lord Rama which is protecting her from all four sides. As she does day and night. She always remember and chant your time. Lord Sita always thinks about your pious feet.
सीता जी के चारों तरफ आप के नाम “राम जी “का पहरा है । क्योंकि वे रात दिन आप के नाम का ही जप करती हैं । सदैव राम जी का ही ध्यान धरती हैं और जब भी आँखें खोलती हैं तो अपने चरणों में नज़र टिकाकर आप के चरण कमलों को ही याद करती रहती हैं ।*
*तो ‘ जाहिं प्रान केहिं बाट ‘…..
Since she Lord Sita is under your protection circle under Lord Rama Name. So all routes are closed which goes to Lord Sita. So no one can crossed this barrier. She has made her Raksha Kavach by chanting Name of Lord Rama.
सोचिये की आप के घर के चारों तरफ कड़ा पहरा है । छत और ज़मीन की तरफ से भी किसी के घुसने का मार्ग बंद कर दिया है, क्या कोई चोर अंदर घुस सकता है..? ऐसे ही सीता जी ने सभी ओर से श्री रामजी का रक्षा कवच धारण कर लिया है ..इस प्रकार वे अपने प्राणों की रक्षा करती हैं । तो ये मंत्र श्रद्धा के साथ जपेंगे तो आप भी किसी के प्राणों की रक्षा कर सकते हैं ।*
So if anyone in your home is ill or it seems that medicines are not working or helping. Then one must do all mantras above.
To make protection circle that is Rakhsha Kavach.
In a day, try to sit in peace and calm place. Intially for 2/3 minutes, take Lord Name and start assuming that Lord Rama name is moving around you. You should feel that Lord Rama Name is protecting you.
Remember
Rama se bada hain Rama ka naam.
*रक्षा कवच बनाने के लिए*
*दिन में 3-4 बार शांति से बैठें , 2-3 मिनिट होठो में जप करे और फिर चुप हो गए। ऐसी धारणा करे की मेरे चारो तरफ भगवान का नाम मेरे चारो ओर घूम रहा हें। भगवान के नाम का घेरा मेरी रक्षा कर रहा है।*

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